{"product_id":"9789389143560","title":"Iqbal","description":"\u003cp\u003eABOUT THE BOOK\n\u003cbr\u003eमशहूर शायर 'मनुव्वर राना' का कहना है कि इक़बाल के जेहन में हमेशा वह हिन्दुस्तान था, जो किसी सरहद में नहीं बँटा था। सर मुहम्मद इक़बाल अविभाजित भारत के प्रसिद्ध कवि, नेता और दार्शनिक थे। उर्दू और फ़ारसी में इनकी शायरी को आधुनिक काल की सर्वश्रेष्ठ शायरी में गिना जाता है। इक़बाल को ग़ज़लों की तरह नज़्में लिखने में बड़ी महारत हासिल थी। उनकी दर्दभरी नज़्में सुनकर लोग रोने लगते थे।\u003c\/p\u003e\n\n\u003cp\u003eतेरे इश्क़ की इन्तिहा चाहता हूं\n\u003cbr\u003eमिरी सादगी देख क्या चाहता हूं\u003c\/p\u003e\n\n\u003cp\u003eसितम हो कि हो वादा-ए-बे-हिजाबी\n\u003cbr\u003eकोई बात सब्र-आज़मा चाहता हूँ\u003c\/p\u003e\n\n\u003cp\u003eये जन्नत मुबारक रहे ज़ाहिदों को\n\u003cbr\u003eकि मैं आप का सामना चाहता हूँ\u003c\/p\u003e\n\n\u003cp\u003eज़रा सा तो दिल हूँ मगर शोख़ इतना\n\u003cbr\u003eवही लन-तरानी सुना चाहता हूँ\u003c\/p\u003e\n\n\u003cp\u003eकोई दम का मेहमाँ हूँ ऐ अहल-ए-महफ़िल\n\u003cbr\u003eचराग़-ए-सहर हूँ बुझा चाहता हूँ\u003c\/p\u003e\n\n\u003cp\u003eभरी बज़्म में राज़ की बात कह दी\n\u003cbr\u003eबड़ा बे-अदब हूँ सज़ा चाहता हूँ\u003c\/p\u003e","brand":"Sai Books","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":47752709701924,"sku":"9789389143560","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0671\/3661\/8788\/files\/iqbal_final_cover_artwork-1.jpg?v=1703166381","url":"https:\/\/bookstation.in\/products\/9789389143560","provider":"BookStation","version":"1.0","type":"link"}